ज्योति डोभाल संपादक
नई टिहरी। राजकीय इंटर कॉलेज रानीचौरी में ग्रामीण क्षेत्र विकास समिति की ओर से नशा मुक्ति विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई और उनसे नशा मुक्ति शपथ पत्र भी भरवाए गए। संस्था के अध्यक्ष एवं समाज सुधारक सुशील बहुगुणा की ओर से छात्र-छात्राओं को हनुमान चालीसा का वितरण किया गया।
गोष्ठी में संस्था के जिला कोऑर्डिनेटर जगदीश बडोनी ने नशे के दुष्परिणामों, इसके बढ़ते प्रभाव और इससे बचाव के तरीकों पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की दिनचर्या, निर्णय क्षमता और भविष्य पर सीधा असर डालता है। विद्यार्थी जीवन में नशे से दूरी ही प्रगति का आधार है। समाज तभी सुरक्षित रह सकता है जब युवा इसका विरोध करें। नशे से बचाव जागरूकता और संकल्प के साथ ही संभव है।
संस्था की ओर से उपस्थित विजय डोभाल ने छात्रों को संस्था द्वारा संचालित योजनाओं, कौशल विकास और स्वरोजगार से जुड़ने के अवसरों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि युवाओं के लिए रोजगार और कौशल प्रशिक्षण से जुड़ी कई योजनाएँ उपलब्ध हैं। इनका लाभ उठाकर विद्यार्थी आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन सकते हैं। नशा भविष्य को कमजोर करता है, जबकि कौशल विकास उसे मजबूत बनाता है। लक्ष्य स्पष्ट हो तो स्वावलंबन की राह आसान होती है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डीपी अंथवाल ने कार्यक्रम की सराहना की और छात्रों को नशामुक्त जीवन के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नशा विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित करता है, इसलिए ऐसे कार्यक्रम समय-समय पर अत्यंत आवश्यक हैं। संस्था विद्यार्थियों को सही दिशा देने के लिए आगे भी जागरूकता गतिविधियाँ जारी रखेगी।
एंटी ड्रग सेल के प्रभारी मुकेश बहुगुणा ने नशे से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी नुकसान और इसके सामाजिक प्रभावों पर जागरूक किया। उन्होंने कहा कि नशा धीरे-धीरे शरीर और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित करता है। इसकी शुरुआत छोटी होती है, लेकिन परिणाम गंभीर हो सकते हैं। विद्यार्थी जागरूक रहें और नशे से दूरी बनाए रखें। जागरूकता ही नशे से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है। इस मौके पर
अनिल डबराल, सुरीला प्रसाद जोशी, अनुप किशोर बलोदी, विशालमणि व्यास, रजनी बड़थ्वाल, वीर सिंह राणा, डाक्टर हेमंत पैन्यूली, पविल कुमार राठी, रीना, जगदीश भट्ट, हरगोविंद ममगाईं सहित अनेक लोग मौजूद रहे।



