Team uklive
नई टिहरी : टिहरी बांध विस्थापन संघर्ष समिति का डेलिगेशन शनिवार को अतिरिक्त भूमि नियमितीकरण को लेकर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित से मिला.
समिति ने जिलाधिकारी के समक्ष टिहरी बांध विस्थापितो की पीड़ा रखी व अतिरिक्त भूमि नियमितीकरण की अपील की.
समिति ने जिलाधिकारी से वार्ता के दौरान कहा कि टिहरी बांध परियोजना के निर्माण के लिये सरकार ने पुरानी टिहरी शहर के साथ ही साथ कई गांवों की भूमि अधिग्रहण की थी और विस्थापन के तहत नई टिहरी शहर में अधिकतर भूमिधरो को अविकसित भू खण्ड आंवटित किये जिससे भवन निर्माण करते समय कुछ अतिरिक्त भूमि विस्थापितों के कब्जे मे आ गई है। बताया कि अतिरिक्त भूमि के नियमितिकरण हेतु सघर्ष समिति ने अपनी एक सूत्रीय मांग का ज्ञापन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के 26-12-2023 को नई टिहरी आगमन पर विधायक किशोर उपाध्याय के माध्यम से प्रस्तुत किया।
बताया कि मुख्यमंत्री ने दिनांक 29-12-2023 को किशोर उपाध्याय के मांग पत्र पर अंकित 01 से 07 तक की मांगो पर स्वीकृति प्रदान करते हुये जिलाधिकारी को यथोचित प्रस्ताव प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया है, जिसमे कम सं० 02 पर नई टिहरी शहर में टिहरी बांध विस्थापित /प्रभावित परिवारों के कब्जे की अतिरिक्त भूनि के नियमितिकरण की मांग भी समिलित है।
कहा कि पूर्व में पुनर्वास निदेशालय के प्रस्ताव पर शासन द्वारा नई टिहरी शहर मे कई व्यक्तियों को सरकारी दर पर काबिज अतिरिक्त भूमि आवंटित की जा चुकी है।
समिति अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद भट्ट एवं सचिव राजेंद्र प्रसाद डोभाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश के अनुपालन और टिहरी बांघ विस्थापितों के त्याग के दृष्टिगत न्यायोचित प्रस्ताव शासन को भेजने की कृपा करेंगे जिससे एक तरफ निवासरत भू स्वामियों को काबिज भूमि पर मालिकाना हक मिल जायेगा वहीं दूसरी तरफ सरकार के राजकोष में भी वृद्धि होगी।
जिलाधिकारी ने पूरे मामले को शासन के समक्ष रखने एवं आवश्यक कार्यवाही की बात कही.
डेलिगेशन मे अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद भट्ट, सचिव राजेंद्र प्रसाद डोभाल, कोषाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह परमार, पूर्व ब्लॉक प्रमुखएवं संरक्षक खेम सिंह चौहान, शीशराम थपलियाल आदि शामिल रहे.


