गाइड बनना है तो जंगल से करिये प्यार, जिलाधिकारी पौड़ी ने किया शुभारंभ

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 Team uklive


पौड़ी : पौड़ी को पर्यटन प्रदेश बनाने की दिशा में तेजी से बढ़ाए जा रहे कदमों की कड़ी में अब यहां हेरिटेज टूर भी सैलानियों को आकर्षित करेंगे। इसके लिए पौड़ी में पर्यटकों की सुविधा के लिए स्थानीय स्तर पर हेरिटेज टूर गाइड तैयार किए जा रहे है।उत्तराखंड में पर्यटन यहां की आर्थिकी से जुड़ा महत्वपूर्ण पहलू है। इसे देखते हुए सरकार भी पर्यटकों को ऐसे स्थलों पर ले जाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है, जो उनकी नजरों से अपेक्षाकृत दूर ही रहे हैं। ऐसे में टूरिस्ट गाइड  का करियर आजकल काफी आकर्षक और फायदेमंद साबित हो रहा है. इस फील्ड में अधिक रोजगार पैदा करने की क्षमता है. 

पर्यटन विभाग उत्तराखण्ड और टूरिज्म एवं हॉस्पिटैलिटी स्किल काउंसलिंग के तत्वावधान में दस दिवसीय निशुल्क हेरिटेज टूरिज्म गाइड का प्रशिक्षण पौड़ी में प्रारंभ हो गया है। प्रशिक्षण का शुभारंभ पौड़ी जिलाधिकारी श्री आशीष चौहान ने  किया। 

उद्धघाटन समारोह में जिलाधिकारी ने प्रशिक्षुओं से कहाँ कि अगर उन्हें अच्छा गाइड बनने के लिए जंगल, ecosystem  से प्यार करो और साथ ही एक अच्छा फोटोग्राफर भी बनो।  और साथ ही अपनी पढाई भी पूरी करो।  उन्होंने कहा कि गाइड क्षेत्र में ज्यादा सफल होने के लिए वो साथ में रेस्टोरेंट, राफ्टिंग या साहसिक गतिविधियों से संबंधित कार्य भी कर सकते है।  उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को उनके उज्जवल भविष्य के बारे में शुभकामनाये दी।  

उद्धघाटन समारोह में जिला पर्यटन विकास अधिकारी श्री प्रकाश सिंह खत्री ने सभी प्रशिक्षुओं को "ट्रैवल फॉर लाइफ" की शपथ दिलवाई। "ट्रैवल फॉर लाइफ"  पर्यटन की दिशा में एक वैश्विक आंदोलन है, जो भारत के माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित मिशन LiFE (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) से प्रेरित है। यह आंदोलन पर्यटकों और पर्यटन व्यवसायों दोनों को संरक्षण के उद्देश्य से सीधे उपायों को अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहता है।

उद्धघाटन समारोह शुरू होने से पहले पर्यटन विभाग की अपर निदेशक पूनम चंद ऑनलाइन जुडी।  उन्होंने बताया कि आने वाला भविष्य हेरिटेज टूरिज्म का है। इसके लिए युवाओं को अपने क्षेत्र की इतिहास और ऐतिहासिक स्थलों की गहन जानकारी होनी जरूरी है। पूनम चंद ने सभी प्रशिक्षुओं से बात करके उनके पृष्ठभूमि, रूचि  और व्यवसाय के बारे में जानकरी ली।  

पौड़ी  में हास्पिटेलिटी स्किल काउंसिल  (टीएचएससी) के माध्यम से युवाओं को हेरिटेज टूर गाइड का प्रशिक्षण दिया जा रहा है,  गाइड प्रशिक्षण के पौड़ी  बैच में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के लिए रजिस्ट्रेशन हुआ है। 10 दिन के प्रशिक्षण के बाद टूरिस्ट गाइड का सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण की अवधि 10 दिन होगी जिसमे लैंसडौन एवं आसपास के पर्यटन एवं अन्य क्षेत्र के विशिष्ट व्यक्तियों द्वारा प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशिक्षुओं को हेरिटेज टूरिज्म और हेरिटेज टूर गाइड की प्रस्तुति, व्यवहार, संचार, उत्तराखंड विरासत स्थल के रूप में तथा सतत और जिम्मेदार पर्यटन आदि विभिन्न पक्षों पर प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं को हेरिटेज साइट की यात्रा भी कराई जाएगी। प्रशिक्षण के लिए 12वीं पास 18 से 55 साल तक की आयु का कोई भी व्यक्ति आवेदन कर सकता है। ट्रेनिंग पार्टनर समर्पित मीडिया सोसाइटी द्वारा पौड़ी  में ट्रेनिंग का सञ्चालन किया जा रहा है।  किया जाएगा। प्रयास यह है कि इस वित्तीय वर्ष में सभी चयनित स्थलों में हेरिटेज टूर गाइड तैयार हो जाएं।

र्यटन विभाग उत्तराखंड और टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी स्किल काउंसिल के तत्वाधान में चलाए जा रहे हेरिटेज टूरिस्ट गाइड का निशुल्क प्रशिक्षण ऋषिकेश में चलाया जा रहा है जिसमें आज तीर्थ स्थलों का पर्यटन विभाग में महत्वपूर्ण भागीदारी के संबंधों को देव संस्कृति विश्वविद्यालय के पर्यटन विभाग के एचओडी डॉक्टर अरुणेश पराशर ने बताया कि भारत में पर्यटन उद्योग के राजस्व में तीर्थ स्थल एक महत्वपूर्णभूमिका निभाते हैं इन तीर्थ स्थलों के माध्यम से ही हजारों लोगों का रोजगार सृजित होता है| हेरिटेज गाइड के निशुल्क प्रशिक्षण के अंतिम सत्र को संबोधित करते हुए अरुणेश पराशर ने कहा कि मृदुभाषी व सरल व्यवहार तथा ज्ञान के माध्यम से अपने क्षेत्र में सुरुचिपूर्ण से आगे बढ़ने का मूल मंत्र भी दिया |


उन्होंने कहा कि मनुष्य को निरंतर अपने ज्ञान सृजन एकत्रित करने का सुझाव भी दिया उन्होंने कहा कि जो आधुनिक टूरिस्ट इंडस्ट्री चल रही है उसमें पर्यटक को अनुभव दिलाने का भी प्रयास किया जाना चाहिए, हेरिटेज टूरिस्ट गाइड के ऊपर अपने स्किल को इस एक्सपीरियंस दिलाने का चैलेंज रहेगा उन्होंने भारत के तीर्थ स्थलों का विस्तृत विवरण दिया उन्होंने कहा कि देव संस्कृति विश्वविद्यालय के तत्वाधान से वह हरिद्वार व उसके आसपास के क्षेत्रों जितने भी तीर्थ स्थल जिनकी अधिक जानकारी ना होने के अभाव से वह लोगों की नजर में कम आते हैं उनकी वह डॉक्यूमेंटेशन,संरक्षण व जागृति का कार्य भी कर रहे हैं उन्होंने हेरिटेज टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षुओ से कहां की किसी भी तीर्थ स्थल परजाकर उसे खोज कर व उसकी जानकारी एकत्रकरके लोगों तक पहुंचाने का आवाहन किया|

इस सत्र में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के डॉ पंकज सिंह चंदेल भी मौजूद थे उन्होंने पर्यटन को बढ़ाने के लिए मॉडर्न टेक्नोलॉजी व मार्केटिंग स्कील के ऊपर प्रकाश डाला और कहा कि और आप जो भी कहानियां पर्यटकों को बताते हैं उसकी सत्यता के बारे में अध्ययन व जानकारी एकत्र करके बताएं उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटन क्षेत्र में विदेशी पर्यटकों को आधुनिक माध्यमों से तीर्थ स्थलों को अधिक रोचक तरीके से बताया जा सकता है यह भी हेरिटेज टूरिस्ट गाइड के लिए एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है आईटी क्षेत्र का तीर्थ पर्यटन के ऊपर क्या प्रभाव पड़ता है तथा उसके माध्यम से कितना अधिक प्रचार-प्रसार किया जा सकता है इसके ऊपर भी प्रकाश डाला यह निशुल्क हेरिटेज टूरिस्ट गाइड का प्रशिक्षण उत्तराखंड पर्यटन विभाग के तत्वधान में करवाया जा रहा है |

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