सोमवारी लाल सकलानी
चम्बा : सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज उनियालसारी, चंबा (टिहरी गढ़वाल) के छात्र-छात्राओं, आचार्य वर्ग के साथ अभिभावकों और गणमान्य व्यक्तियों के द्वारा हरेला दिवस के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में वृक्षारोपण किया गया।
विद्यालय के द्वारा पूर्व नियोजित योजना के अनुसार 10 समूह में छात्र- छात्राओं को बांटा गया और प्रत्येक ग्रुप के साथ आचार्यों की सहभागिता सुनिश्चित की गई।
कार्यक्रम में लगभग 600 छात्र- छात्राओं,आचार्य और गणमान्य व्यक्तियों के द्वारा पौधरोपण कार्य मे प्रतिभाग किया गया।
गुल्डी से सुरंग मार्ग तक प्रधानाचार्य इंद्रपाल सिंह परमार, किसान नेता वीरेंद्र नेगी, समाजसेवी बुद्धि सिंह पंवार, बलबीर सिंह राणा,रमा जोशी के सहयोग से वृक्षारोपण किया गया।
रानीचौरी क्षेत्र का प्रभार केशवानंद मैठानी, बादशाहीथौल में महावीर सिंह, गाज़णा-नैल में राणा , जसपुर क्षेत्र में सोनिका और सुष्मिता, हडम में नवानी , धारकोट में विजय प्रकाश उनियाल, स्यूटा -मंजूड में सुरजीत पुंडीर, नागनी- खाड़ी में सोहन सिंह और राकेश आचार्यों के ग्रुपवाइज, छात्र-छात्राओं से वृक्षारोपण करवाया गया। चंबा शहर के समीपवर्ती गांव में प्रधानाचार्य इंदर सिंह परमार ने स्वयं कमान संभाली।
प्रातः 6:00 बजे से 9:00 बजे तक वृक्षारोपण का कार्यक्रम संपन्न कराया गया। वन संरक्षण, वनों के महत्व, हरेला दिवस की प्रसंगिकता और राष्ट्रीय कार्यक्रमों में जन-जन की भूमिका के बारे में विभिन्न व्यक्तियों ने अपने विचार भी रखें।
शहर के समाजसेवी और कृषक नेता वीरेंद्र नेगी ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों के सुखद परिणाम धरातल पर दिखाई दे रहे हैं। राष्ट्रीय कार्यक्रमों के प्रति लोगों के अंदर जन-जागरूकता आई है। प्रत्येक व्यक्ति को यह पुनीत कार्यों में भाग लेना चाहिए। प्रधानाचार्य इंदर सिंह परमार ने कहा कि पौधा लगाना आवश्यक है लेकिन उससे जरूरी उसका संरक्षण करना है। उन्होंने प्रत्येक छात्र- छात्राओं, इर्द-गिर्द रहने वाले नागरिकों से निवेदन किया है कि वह प्रतिदिन रोपे गए पौधों का संरक्षण भी करेंगे। आचार्य गणेश प्रसाद कुकरेती ने भी बढ़-चढ़कर राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भाग लेने की बात कही।
यूं तो हरेला दिवस के अवसर पर प्रत्येक विद्यालय, समाज सेवी संगठन, शासन और प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी गण, जन नेता सभी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं लेकिन विद्या भारती के विद्यालयों के द्वारा यह अनुकरणीय पहल है। एक नियोजित और व्यवस्थित ढंग से वृक्षारोपण का कार्य करवाया गया जो कि जन जागरूकता के लिए भी एक अनूठी पहल है।


