Team uklive
नई टिहरी। भिलंगना ब्लाक के कोटी-झाला में निर्माणाधीन लघु जल विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य वर्षों से अधर में लटका हुआ है। उरेड़ा के सहयोग से वर्ष 2009-10 में शुरू की गई 300 किलोवाट की परियोजना का काम 2017 से ठप पड़ा हुआ है। स्थानीय लोगों ने डीएम को दिए ज्ञापन में परियोजना का निर्माण कार्य जल्द पूरा कर स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग की है।
बूढ़ाकेदार क्षेत्र के मेंड,मरवाड़ी, पिंस्वाड़, अगुंडा और कोटी आदि गांवों के विद्युतिकरण के लिए वर्ष 2009-10 में कोटी-झाला में 300 किलोवाट की लघु जल विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। लेकिन कार्यगति धीमि होने के कारण स्थानीय लोगों ने जल विद्युत परियोजना पर निर्भर रहने के बजाए ऊर्जा निगम से गांवों का विद्युतिकरण करने की मांग की। जिस परऊर्जा निगम ने 2016-18 के दौरान इन गांवों का विद्युतिकरण कर दिया। अब उरेड़ा ने परियोजना से उत्पादित बिजली ग्रिड को देने का प्रस्ताव तैयार किया है, लेकिन लापरवाही के कारण यह परियोजना अब भी अधर में लटकी हुई है।बूढाकेदार क्षेत्र से सामाजिक कार्यकर्ता हिमा गुनसोला ने बताया शीघ्र ही उक्त परियोजना का कार्य शुरु होना चाहिए जिसे उक्त परियोजना से क्षेत्र को पर्याप्त
विद्युतापूर्ती को मिल सकेगी और साथ ही स्थानीय लोगों को स्वारोजगार उत्पन्न होगें। क्षेत्र के रामकुमार कठैत, प्रताप सिंह सजवाण, गिरीशचंद्र नौटियाल, प्रेमलाल त्रिकोटिया, अजीत नेगी, दर्शनलाल आर्य ने डीएम को दिए ज्ञापन में परियोजना का कार्य जल्द पूरा कर स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने की मांग की है। इस बावत विमल किशोर बमराड़ा ने कहा कि परियोजना का कार्य करीब 90 फीसदी काम पूरा हो गया है। लॉकडाउन और बारिश के कारण कुछ दिनों तक कार्य लंबित रहा। इन दिनों साइट पर मशीनें भेजी जा रही है। दिसंबर तक परियोजना से उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

