रिपोर्ट: कवि सोमवारी लाल सकलानी, निशांत।
टिहरी :परम सौभाग्य की बात है कि आज माडल हाउस, कुलणा, नई टिहरी में अपने फुफेरे भाइयों द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में शरीक हुआ। श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ का आयोजन मेरे पुफेरे भाई श्री भगतराम डोभाल ,श्री कुलानंद डोभाल, श्री सिद्धानंद डोभाल और श्री बुद्धि डोभाल के द्वारा अपनी माता स्व. इंदा देवी, पिता स्व.चैतराम डोभाल तथा परिवार की दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।
यूं तो इस श्रीमद् भागवत ज्ञान कथा यज्ञ का आयोजन उनके द्वारा जून 2020 में होना था लेकिन कोरोना वायरस के कारण यह अनुष्ठान स्थगित करना पड़ा। अब एक बार फिर जब कोरोना महामारी का दुष्प्रभाव कम हो गया है तो ज्ञान यज्ञ अनुष्ठान का आयोजन किया जाना लाजमी है, क्योंकि यह लिया गया संकल्प है।
आज ज्ञान यज्ञ का प्रथम दिवस है। अनेक बंधु- बांधव, और रिश्तेदारों के साथ व्यास पीठ पर आसीन परम श्रद्धेय श्री लोहिताक्ष देव थपलियाल (मधुसूदन थपलियाल)पूर्व प्रधानाचार्य, डोभाल परिवार के कुल पुरोहित श्री रामलाल उनियाल जी, प्रकांड विद्वान श्री भास्कर उनियान, पंडित श्री कुशलानंद उनियाल, पंडित श्री रोशनलाल उनियाल आदि विराजमान हैं। अनुष्ठान नई टिहरी शहर में होने के कारण श्रोताओं का बड़ी संख्या में आना एक मामूली बात है।
कलश शोभायात्रा के बाद विधि विधान से ईष्ट देव, मां राजराजेश्वरी, देवी- देवताओं, पितरों, क्षेत्रपाल देवता, हनुमान जी, नवग्रह आदि की विधिपूर्वक पूजा की गई उसके बाद रक्षा ध्वज चढाया गया और अपराह्न 2:00 बजे से कथा प्रवचन श्रद्धेय व्यास जी के द्वारा किया जा रहा है। श्री लोहिताक्ष देव थपलियाल( मधुसूदन) एक यशस्वी पिता के पुत्र हैं, जिन्हें विरासत के रूप में परम सिद्धि है। उनके मुख से निसृत प्रत्येक शब्द ब्रह्म वचन है। जितना सुंदर ज्ञान -उतनी ही सुंदर वाणी है। मुझे अत्यंत प्रसन्नता है कि मेरे पुफेरे भाइयों ने कुल पुरोहित जी के अलावा अपने ही क्षेत्र के विद्वान पुरोहितों और विद्वान गुरुओं को आमंत्रित किया है। जिनकी वाणी में भी सिद्धि है और सरस्वती का वास है।
श्री मद् भागवत ज्ञान कथा यज्ञ के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए मां सुरकंडा से प्रार्थना करता हूं कि यह ज्ञान यज्ञ सुख- शांति और निर्विघ्न संपन्न हो तथा देश में कोरोना महामारी का संकट पूर्ण तरह समाप्त हो। सब स्वस्थ रहें। निरोग रहे। सुखी रहे। सुंदर रहे और समृद्ध रहे। साथ ही अपेक्षा करता हूं कि सोशल डिस्टेंसिंग का सभी लोग ध्यान रखें ! श्रोताओं से अनुरोध है कि वह मास्क पहन कर के आएं! शारीरिक दूरी बनाए रखें! बचाव में ही सुरक्षा है। सरकार द्वारा दिए गए दिशा- निर्देशों और गाइडलाइन का पूरा- पूरा पालन करें तभी इस प्रकार के अनुष्ठानों का महत्व है।
27 तारीख को कथा समाप्त होगी और तब तक प्रतिदिन समयानुसार ज्ञान यज्ञ में सम्मिलित होता रहूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ एक बार सभी को सादर प्रणाम।

