रिपोर्ट : वीरेंद्र नेगी
उत्तरकाशी: रामलीला मैदान बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले आज सभी संगठन जिसमे व्यापार मंडल, होटल एसोसिएशन, सांस्कृतिक संगठन, खेल प्रेमियों, ओम छात्र संगठन के जनप्रतिनिधियों ने रामलीला मैदान की दुर्गति को लेकर प्रसाशन के समक्ष अपनी बात रखी। सभी संगठन के व्यक्ति आज डीएम मयूर दीक्षित से मिले.
रामलीला मैदान जो आजाद मैदान के नाम से भी जाना जाता हैं. किसी समय इस मेदान पर तिब्बत से आये लोग यंहा के लोगो से वस्तुविनमय प्रणाली के जरिये अपनी वस्तुए यंहा के लोगो को देते थे साथ ही यंहा के लोगो से अपनी जरूरतों कि वस्तुए लेते थे. ये इस मैदान कि बहुत पुराना
इतिहास हैं.
इस समय इस मैदान का इतिहास अब बिखरता दिख रहा हैं. यह मैदान अब प्रसाशन कि नजर में यह एक व्यवसाय बन चूका हैं. प्रसाशन इस मैदान को सिर्फ आय का साधन समझता हैं.
अब इस मैदान को फिर से बचाने के लिए कई संगठनों ने आज हनुमान चोक पर एक बैठक की. आपसी विमर्श के बाद डीएम को ज्ञापन के माध्यम से रामलीला मैदान पर हो रहे अतिक्रमण ,रेडी ठेली पार्किंग ,गंदगी व अन्य मैदान से सम्बंधित समस्या से अवगत करवाया साथ ही मैदान पूरी तरह खेल,व संस्कृतिक क्रियाकलापों में ही प्रयोग हो. वाणिज्यिक रूप में न हो. इस पर डीएम द्वारा लिखित करने की मांग रखी. यदि जल्द से जल्द कर्यवाही नही की जाती तो 25 अगस्त से सभी संगठनों के व्यक्ति अपने साथियों के साथ आमरण अनशन करने को बाध्य होना पड़ेगा ।
जिलाधिकारी द्वारा कहा गया शीघ्र इस पर कर्यवाही करते हुए पार्किंग व्यवस्था कि जाएगी. उसके बाद मैदान को खेल व सांस्कृतिक के प्रयोग के लिए इस्तेमाल किया जयेगा.
सभी संगठनों के आये व्यक्ति जिसमे अमेरिकन पूरी,उभान, महेश पंवार , सुधा गुप्ता, राजेन्द्र पंवार , जगेंद्र भंडारी , धामचंद रमोला,महेन्द्रपाल परमार ,धर्मेंद्र मटूडा, जयवीर चौहान, रमेश चौहान, विजय बहादुर रावत मौजूद थे.



