रिपोर्ट : ज्योति डोभाल
टिहरी : थौलधार विकासखंड में ग्राम प्रधानों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों के निराकरण न होने पर गुरुवार को विकासखंड मुख्यालय में जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन कर ताला जड़ा और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रधान संगठन की मुख्य मांगों में प्रति जॉब कार्ड श्रमिक दिवस 100 की जगह में 200 किया जाए मनरेगा मजदूरों का मानदेय 204 के बजाय ₹350 प्रतिदिन किया जाए ग्राम प्रधानों का मानदेय ₹10000 प्रति माह किया जाए तथा कार्यकाल समाप्ति के बाद ₹5000 मासिक पेंशन के रूप में दिया जाए। वर्तमान समय में उत्तराखंड प्रदेश में ग्राम प्रधान के अधीन कार्य करने वाले ग्राम प्रहरी को भी ₹2000 प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। जबकि ग्राम प्रधानों को मात्र ₹1500 मानदेय दिया जा रहा है जो ग्राम प्रधानों के मान सम्मान को ठेस पहुंचा रहा है और इससे प्रदेश के समस्त ग्राम प्रधानों में सरकार के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है।
कॉमन सर्विस सेंटरों को न्याय पंचायत के बजाय ग्राम पंचायत स्तर पर खोला जाए अन्यथा सरकार सीएससी सेंटर को दी जाने वाली रुपए 2500 की धनराशि खुद ही वहन करें। इस मांगों के साथ प्रधान संगठन की 12 सूत्री मांगे शामिल है जिसके लिए ग्राम प्रधान संगठन 1 जुलाई 2021 से लगातार धरना प्रदर्शन करता रहा है.
पूर्व में भी दोनों मुख्यमंत्रियों को प्रधान संगठन के द्वारा अपना मांग पत्र प्रेषित किया गया और वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी मांग पत्र प्रेषित किया जा चुका है परंतु अभी तक कोई सकारात्मक निर्णय ना होने के कारण जिले के समस्त ग्राम प्रधान सभी विकास खंडों में धरना प्रदर्शन और तालाबंदी करने के लिए बाध्य हैं जिससे जनता के कार्य भी बाधित हो रहे हैं। संगठन के जिलाध्यक्ष रविंद्र राणा ने कहा कि यदि सरकार अति शीघ्र हमारी मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं करती है तो जिले के समस्त ग्राम प्रधान जिला कार्यालय और प्रदेश की राजधानी में धरना प्रदर्शन और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। धरना प्रदर्शन करने वालों में ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राणा, संगठन के पदाधिकारी संदीप रावत, चतर सिंह चौहान, ऋषिराम भट्ट, सुरेश राणा, परशुराम सेमवाल, मुकेश रावत ,गंभीर पवार, धनपाल कठैत, विजयलक्ष्मी, बबिता रमोला, सुनीता रणावत, देवचंद रमोला,मुकेश रतूड़ी सहित कई ग्राम प्रधान शामिल थे।


