रिपोर्ट : वीरेंद्र नेगी
उत्तरकाशी : तीर्थ पुरोहित लगातार देवस्थानम एक्ट का विरोध कर रहे हैं इस बीच तीर्थ पुरोहितों ने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को खरी खोटी सुना दी. दरअसल तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि कल पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत चारों धामों के तीर्थ पुरोहितों को कांग्रेसी कह दिया फिर क्या था तीर्थ पुरोहितों का गुस्सा सातवें आसमान में था ।
गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल का कहा कि त्रिवेंद्र सिंह रावत पढ़े लिखे है कि नहीं हैं इस ब्यक्ति ने कहां से शिक्षा ग्रहण की है ये ब्यक्ति सबसे बड़ा झूठा है इसका सबूत देने की भी बात भी मन्दिर समिति के अध्यक्ष ने कही ।आज जो भाजपा की बुरी स्थिति उत्तराखंड में हुई है.
वह इस ब्यक्ति के कारण हुई है इस ब्यक्ति ने ऐसे बीज उत्तराखंड में बोए है।
इतना ही नहीं सुरेश सेमवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री के लिए ये बड़ी बात बोल डाली हमें तो लगता है की यह ब्यक्ति हिंदू धर्म का है ही नहीं हैं यह इस्लामिक धर्म वादी हैं मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के जाने के पीछे सबसे बड़ा हाथ उनकी हठधर्मिता है सतपाल महाराज और केदार सिंह रावत का नाम लेते हुए उनका कहना है की देवस्थानम एक्ट बनते समय पूर्व मुख्यमंत्री ने न तो किसी मंत्री को पूछा और न विधायक को पूछा और चारों धामों में देवस्थानम एक्ट लागू कर दिया
और आज पूर्व मुख्यमंत्री चारों धामों के तीर्थ पुरोहितों को कांग्रेसी बता रहे हैं जोकि गलत कहा है हम सभी उनका विरोध करते हैं साथ तीर्थ पुरोहितों ने और पूर्व मुख्यमंत्री का पुतला दहन दहन किया।



