रिपोर्ट : ज्योति डोभाल
टिहरी :कांग्रेस पीसीसी सदस्य और एडवोकेट शांति प्रसाद भट्ट ने बीजेपी सरकार को नाकाम सरकार बताते हुए कहा कि कुंभ में कोविड Rtpcr जांच के घोटाले में सरकार ने माननीय उतराखण्ड उच्च न्यायालय को भी गुमराह किया, चूँकि कोविड-19की रोकथाम वाली जनहित याचिका पर सुनवाई में माननीय हाईकोर्ट ने हरिद्वार में कुंभ से पूर्व कोविड जांच के लिए एक व्यापक आदेश दिया था जिसमे प्रतिदिन 50,000 जांचे करनी थी इसी की भरपाई के लिए सरकार ने ये फर्जीवाडा किया है, और हाईकोर्ट में झूठा शपथ पत्र दाखिल कर अनैतिक कृत्य किया है। मा.उच्च न्यायालय ने यह आदेश इसलिए दिया था, चूँकि मुख्य सचिव ने कोर्ट में वर्चुल उपस्थित होकर यह कहा था, कि कुंभ में प्रति दिन दस लाख लोग आएंगे और पवित्र स्नान वाली तिथियो पर 70लाख लोग स्नान हेतु देश विदेश से आएंगे, तब उच्च न्यायालय ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि कोविड-19 का जब विस्फोट होगा तो सरकार बचा नही पाएगी इसलिए 50 हजार टेस्ट रोज करिए।
तीरथ सरकार ने 9 मॉर्च2021 को शपथ ली थी,जबकि त्रिवेंद्र सरकार ने18मार्च2017 को शपथ ली थी, यू तो उतराखण्ड की जनता ने वर्ष2017 में भाजपा को प्रचण्ड बहुमत दिया था, इस तरह इस सरकार का कामकाज साढ़े चार साल का हो चुका है, जो की घोर निराशाजनक रहा है, किंतु जिस प्रकार तीरथ सरकार ने अपने100दिन पूरे किए तो लगा100साल हो गए, चूँकि भाजपा ने अपनी गलत परंपरा के अनुरूप केवल मुख्यमंत्री का मुखोटा बदला है, और इन100 दिनो पर अगर जनता मुड़कर देखे तो पिछले सौ दिन बहुत बुरे गुजरे है।
तीरथ सरकार ने हरिद्वार कुंभ की अव्यवस्थाओ के कारण दुनिया भर में किरकिरी करवाई,जिस कारण कोविड के केसों की संख्या में देश भर में अचानक तेजी आई , जबकि कुंभ मेले के आयोजन को लेकर माननीय उतराखण्ड उच्च न्यायालय ने लगातार सुनवाई में सरकार को सख्त निर्देश दिए थे किंतु पहले त्रिवेंद्र सरकार और फिर तीरथ सरकार ने हाईकोर्ट के आदेशों, निर्देशो की घोर उपेक्षा की.
जिस कारण कोविड केसों की संख्या बढ़ी,और तीरथ सरकार की जिद के कारण लोगो को अपने परिजनों की जाने गवानी पड़ी.
हरिद्वार में RTPCR जाँच में बड़े स्तर पर बहुत बड़ा घोटाला हुआ है, यदि इस घोटाले की निष्पक्ष जाँच हुई तो यह प्रदेश का सबसे बड़ा घोटाला होगा।
कोरोना की दूसरी लहर से सरकार की लापरवाही के कारण राज्य में सात हजार से अधिक लोगो ने जान गवाई है, और लगभग चार लाख लोग संक्रमित हुए है, यह तीरथ सरकार की ही उपलब्धि है।
बेरोजगारी दर को तो तीरथ सरकार ने त्रिवेंद्र सरकार की बराबरी पर रखा है इसके अलावा जनता ने देखा और महसुस किया कि किस प्रकार अस्पतालों की स्थितिया बेकाबू हुई, लोग आक्सीजन के लिये दर दर भटकते रहे, लोगो को आईसीयू बैड, आक्सीजन बैड, वेंटिलेटर आदि के लिए संघर्षरत देखा गया,किस तरह सरकार के नाकारापन के कारण लेबल वन के कोविड सेंटरों को वाइंडअप किया गया, जिससे लोगो की जान आफत में आ गई.
भाजपा सरकार की लापरवाही के कारण लोगो ने विगत सौ दिन असहनीय पीड़ा के साथ गुजारा है, यह भी किसी से छिपा नही है.
किस प्रकार, ब्लैक फंगस ओर रैमिडिसेवर इंजेक्शनो की कालाबाजरी हुई है।
श्री भट्ट ने कहा कि भाजपा का पूरे साढ़े चार सालों का कार्यकाल घोर निराशाजनक रहा है, और तीरथ सरकार ने इन सौ दिनों में जनता को असहनीय पीड़ा पहुंचाई है, जिसे लोग कभी नही भूल पाएंगे.
अखबारों और सोशल मीडिया में हो रहे प्रचार पर शान्ति प्रसाद भट्ट ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा किस प्रकार से जनता को असत्य जानकारियो से बरगलाने का काम कर रही है,
भाजपा के शासन में जनता त्राहिमाम कर रही है तो सरकारी अधिकारी, कर्मचारी भी कुंठित महसूस कर रहे है.
NHM कर्मी, उपनल कर्मियों के साथ सरकार ने जो व्यवहार किया वह भी जग जाहिर है
टिहरी के लिए भाजपा सरकार की साढ़े चार सालों में कोई भी ऐसी उपलब्धि नही है जो वह गिना सके, इन साढ़े चार सालों में भाजपा के नेता और कार्यकर्ता अपने स्वागत समारोह में ही व्यस्त रहे, और आपसी खींचतान एक मुख्यमंत्री का गुट दूसरे मुख्यमंत्री के गुट पर शह मात का खेल खेलता रहा,और जनता के लिए पिछली सरकारों ने बनाई सड़के जिन पर यह सरकार डामर तक नही कर पाई.
टिहरी पुनर्वास में इन साढ़े चार सालों में एक भी प्रभावित ओर विस्थापित गाँव का ना तो सर्वे हुआ ना ही पात्रताओं का निर्धारण हुआ और ना ही किसी का विस्थापन हुआ.
भाजपा सरकार के साढ़े चार सालों में मीटिंगों के रिकार्ड बने, हर छोटा बड़ा नेता जिले में आकर अधिकारियों की मीटिंग लेता रहा, इन मीटिंगों में कोई सिस्टम/प्रोटोकॉल नही अपनाया गया.
हर भाजपा का कार्यकर्ता हर मिटिंग में दिखाई दिया जिससे बैठकों की गरिमा भी नही बन पाई और अधिकारी समझ गए कि ये बैठके भाजपा की बैठकें है इसलिए तबाडतोड़ बैठकों के बाद भी हासिल पाई जीरो रहा।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन की इस सरकार ने जनता के साथ केवल छलावा किया है.
पेट्रोल, डीजल, खाद्यान्न तेल की कीमतों ने जनता के आँसू निकाल दिये,पर इस सरकार पर कोई फर्क नही पड़ा।
इस सरकार के शासन काल मे बौराड़ी अस्पताल हमेशा अपनी अकर्मणता के कारण चर्चा में बना रहा, पर सरकार ने कोई कार्यवाही नही की।