रिपोर्ट : वीरेंद्र नेगी
उत्तरकाशी . देवास्थानम बोर्ड को लेकर जंहा गंगा परोहितो ने कई बार सरकार से निवेदन किया है. इस बोर्ड को चारो धामों से निरस्त किया जाय. क्योकि ये बोर्ड चारो धामों के पुरोहितो के हित में नहीं है. गंगा परोहितो से डीएम उत्तरकाशी के माध्यम से फिर एक बार मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया है.
इस पत्र के माध्यम से स्पष्ट कर दिया गया है. सरकार इस बार इस पर अपना पक्ष स्पष्ट नहीं करती है. आने वाले समय में सारी जिम्मेदारी सरकार कि होगी.
श्री गंगोत्री धाम के मंदिर समिति के पदाधिकारी और गंगा पुरोहितों ने जिला अधिकारी उत्तरकाशी के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तराखंड को ज्ञापन प्रेषित कर किया जिसमें उन से अनुरोध किया गया कि आपके द्वारा 11 अप्रैल को कुंभ के पावन पर्व पर साधु संतों के सानिध्य में घोषणा की थी.
51 मंदिरों को देवस्थानम बोर्ड से बाहर किया जाएगा किंतु 2 माह का समय हो जाने के उपरांत भी अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई. मजबूर होकर के हम तीर्थ पुरोहितों को 11 मई से काली पट्टी बांधकर गंगा मैया की पूजा करेंगे और 21 मई से क्रमिक अनशन गंगोत्री धाम में शुरू किया जाएगा. जो कि इतिहास में पहली बार होगा पुजारी काली पट्टी बांधकर गंगा मैया की पूजा करेंगे अतः सभी तीर्थ पुरोहित मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हैं कि तत्काल अपनी घोषणा को अमलीजामा पहनाकर 51 मंत्रियों को देवस्थानम बोर्ड से तक अलग कर निरस्त करें.


