रिपोर्ट.... नदीम परवेज
पिथौरागढ़.... पर्यटन क्षेत्र में स्वरोजगार,सरकार का ट्रेकिंग ट्रेक्शन सेंटर होमस्टे अनुदान योजना का स्वागत करते है एवं बहुत ही सराहनीय योजना है। मगर पलायन को रोक, पर्यटन को बढ़ावा देने के मुख्य उद्देश्यों से होमस्टे चला रहे, व्यास घाटी में बसा गांव होमस्टे नाबी बहुत आगे आकर कार्य कर रहे है । ऐसे ग्राम पंचायत नाबी को इस ट्रेकिंग ट्रेक्शन अनुदान योजना से वंचित किया गया है।
ये सरकार के द्वारा बहुत गलत फैसला किया गया है , वैसे तो पूरे व्यास घाटी के सात ग्राम पंचायतों को भी ट्रेकिंग ट्रेक्शन अनुदान योजना से जोड़ना चाहिए, सिर्फ व्यास घाटी के तीन ग्राम पंचायत कुटी, गुंजी, बुदि को ही जोड़ा गया है।
व्यास घाटी के पर्यटन में सब से सफल होमस्टे संचालन ग्राम पंचायत नाबी को ट्रेकिंग ट्रेक्शन सेंटर अनुदान योजना से वंचित किया गया है । जो बहुत गलत एवं सौतेला व्यवहार सरकार द्वारा किया गया है । इसका विरोध किया जाता है। सरकार के इस फैसले से ग्राम पंचायत नाबी के होमस्टे परिवारो में बहुत रोष है। सरकार से अपने ग्राम पंचायत नाबी एवं पूरे व्यास घाटी के सभी सात ग्राम पंचायत को इस ट्रेकिंग ट्रेक्शन होमस्टे अनुदान योजना से तुरंत जोड़ने की मांग को किया गया है यदि सरकार अनसुना एवं अनदेखी करेगी तो व्यास घाटी के समस्त ग्राम पंचायत के द्वारा भारत के अन्तराष्ट्रीय सीमा चीन,नेपाल से जुड़ा सीमांत क्षेत्र व्यास घाटी में आगे जन आंदोलन किया जाएगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी ।


