रिपोर्ट... ज्योति डोभाल
टिहरी... रॉड्स अध्यक्ष सुशील बहुगुणा ने युवाओं को लेकर कहा कि किसी भी राष्ट्र व समाज के निर्माण में युवाओं की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती हैं । वे अपने कौशल से देश व समाज को नई दिशा प्रदान कर सकते हैं । यदि युवा सही पथ पर अग्रसर हैं तो समाज और समग्र राष्ट्र की उन्नति सुनिश्चित है , किंतु आज आधुनिकता के युग में युवाओं का एक बड़ा वर्ग भटकाव का शिकार है । समाज भी युवाओं को कॉकटेल पार्टी डांस पार्टी जैसे आयोजन कर नशा के प्रति आकर्षित कर रहा है ओर यह भटकाव युवा और राष्ट्र समाज सभी के लिए हानिप्रद है । इस भटकाव से बचने के लिए सफलता के चार तत्वों को समझाना जरूरी है । ये चार तत्व हैं आत्मबल , कौशल , ध्येय और आत्मविश्वास । आत्मबल सबसे महत्वपूर्ण है । स्वयं के बारे में आप जैसा सोचते हैं , आप वैसे ही बनते हैं । यदि आप स्वयं को आप कमजोर समझते हैं तो कमजोर बनेंगे और यदि शक्तिशाली समझते हैं तो शक्तिशाली बनेंगे । सबसे पहले हमें आत्मबल के साथ आत्मसम्मान के भाव को स्वयं में जाग्रत करना होगा । यदि हम ऐसा कर सकेगें तभी अपने जीवन की कोई सार्थक दिशा तय कर सकते हैं । दूसरी महत्वपूर्ण बात है कि स्वयं को शिक्षित करना और किसी कौशल विशेष में पारंगत बनाना । तीसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि अपने जीवन का कोई न कोई लक्ष्य अवश्य तय करें , क्योकि लक्ष्य विहीन जीवन एक जीवित शव के समान है । अंत में बात आती है आत्मविश्वास की जो जीवन में प्रत्येक लक्ष्य को पाने के लिए अहम है । आत्मविश्वास के बल पर हम दुर्गम से दुर्गम कार्य भी सहजता से कर सकते हैं । युवाओं को ' चरैवेति - चरैवेति ' सिद्धांत आत्मसात करना होगा । ठीक वैसे ही जैसे यदि नदी समुद्र की ओर चलते - चलते बीच में गति खो बैठे तो वह वहीं पर आबद्ध हो जाती है । इसी तरह प्रकृति के समान ही मानव समाज के लक्ष्य के अभाव में समाज व राष्ट्र की उन्नति की गति मंद पड़ जाएगी । अतः हमें अपने जीवन में एक निश्चित लक्ष्य को धारण कर आगे बढ़ना होगा । तभी हमारा जीवन सार्थक होगा ।


