रिपोर्ट.. ज्योति डोभाल
नई टिहरी:-जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में जिला कौशल समिति की बैठक संपन्न हुई। गौरतलब हो कि समिति का उद्देश्य जनपद कौशल अंतर (डिस्ट्रिक्ट स्किल गेप) चिन्हित कर जिला कौशल विकास योजना तैयार करना है। समिति में मुख्य विकास अधिकारी उपाध्यक्ष एवं जिला सेवायोजन अधिकारी को सदस्य सचिव के रूप में नामित किया गया है। जिलाधिकारी ने जिला सेवायोजन अधिकारी विक्रम को जनपद में विभाग द्वारा क्रियान्वित की जाने वाली विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण केंद्रों का नियमित निरीक्षण, विभिन्न विभागों द्वारा संचालित कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अनुश्रवण कर सूचना संकलित करने, नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (एनऐपीएस) के प्रचार-प्रसार हेतु जनपद स्तर पर गठित उद्योग संघों के साथ बैठक/ सेमिनार/ कार्यशालाओ का आयोजन, जनपद में स्थापित निजी उद्यमों सार्वजनिक उपक्रमों में भारत सरकार द्वारा अप्रेंटिसशिप हेतु निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु कार्य योजना तैयार करने एवं लक्ष्य के सापेक्ष प्राप्ति की निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए है। उन्होंने जिले में आजीविका संवर्धन हेतु कार्य योजना तैयार कर प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने, जिले में स्थापित औद्योगिक इकाइयों की वर्तमान तथा भविष्यात्मक मांग का आकलन कर कौशल प्रशिक्षण हेतु प्रशिक्षण क्षेत्र चिन्हित करने, स्वरोजगार के क्षेत्र में जिले की संभावनाओं का आकलन कर ऐसे व्यवसायियों की पहचान करने के निर्देश दिए है जिनमें स्वरोजगार की संभावनाएं अधिक है। उन्होंने सेवायोजन अधिकारी को जनपद के अंतर्गत संचालित आईटीआई, पॉलिटेक्निक, लघु अवधि के प्रशिक्षण केंद्रों में जनपद की विशेष आवश्यकता अनुसार व्यवसाय ट्रेड संचालित किए जाने के संबंध मे आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए है। जनपद में पूर्ण रूप से दक्ष कामगार जिन्होंने औपचारिक प्रशिक्षण प्राप्त नहीं किया हो को चिन्हित कर उन्हें आरपीएल योजना के माध्यम से प्रमाणित कराने, जिले में संचालित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण कराने में सहयोग हेतु जनपद में रहने वाले पूर्व सैनिक जो तकनीकी योग्यता एवं अनुभव रखते है का विशेष रूप से चिन्हित कर उनकी सूची तैयार करने करने के निर्देश दिए है, जनपद में रोजगार मेलों के आयोजन में सहयोग एवं विभिन्न पोर्टल जैसे नेशनल केरियर सर्विस, एनएपीएस, एच ओ पी ई(हॉप) का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए है। जनपद में संचालित विभिन्न कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों हेतु यदि किसी विशेष वंचित वर्ग के अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित किये जाने का प्रताव तैयार करने, जिले में परंपरागत कला, संस्कृति के स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों की स्केलिंग, री-स्केलिंग, अप-स्केलिंग की आवश्यकताओं का आकलन करने करने के निर्देश संबंधित अधिकारी को दिए है। इसके अलावा जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिए जाने, एकीकृत कृषि, पारंपरिक कलाओं, आई आई टी, एनआईआईटी, एनडीए, पीसीएस, वन डे एग्जाम जैसी तैयारियों के कोर्स करवाने के लिए संबंधित शिक्षण संस्थानों से समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए है। बैठक में सीडीओ अभिषेक रुहेला, जिला शिक्षाधिकारी एसपी सेमवाल, जीएम डीआईसी महेश प्रकाश, डीआईओ एनआईसी सौरभ रतूड़ी के अलावा डिग्री कालेज, पॉलीटेकनिक व आईटीआई के जनपदीय प्रभारी उपस्थित थे।


