रिपोर्ट.. ज्योति डोभाल
देहरादून.. प्रदेश की भाजपा सरकार अपने हर मोर्चे पर विफल रही है, पूरे प्रदेश में अस्थिरता का माहौल है। अपनी ही पार्टी के विधायक नहीं चाहते त्रिवेंद्र सिंह रावत फिर मुख्यमंत्री बने । इन्ही सब मुद्दों को लेकर आज आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश प्रवक्ता रविन्द्र सिंह आनंद के नेतृत्व में हाथ में काली पट्टी बांध बल्लीवाला चौक पर शांति प्रदर्शन किया।
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता बल्लीवाला चौक पर एकत्र हुए जहां उन्होंने कोविड 19 के सभी नियमों का पालन करते हुए, आस पास लोगों को परेशान किए बिना सरकार विरोधी नारों की तख्तियां हाथ में लेकर शांति प्रदर्शन किया ।
इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता रविन्द्र सिंह आनंद ने कहा कि आज प्रदेश की बात करें तो प्रदेश सरकार ने एक अजीब अस्थिरता का माहौल बना दिया है। बेरोजगार आत्महत्या कर रहे है, कोविड अपने चरम पर है और डाक्टर आंदोलन करने को मजबूर है, जनता को सरकार से कोई राहत नहीं है और इन सब से बढ़ कर सरकार के विधायक अपने मुखिया के खिलाफ मुखर है, और दिल्ली नेतृत्व परिवर्तन की गुहार लगा चुके है। ऐसे में साफ कहा जा सकता है कि यह एक नाकाम सरकार है और नाकाम नेतृत्व है। जैसा की पहले भी आम आदमी पार्टी मांग करती रही है कि प्रदेश के मुखिया को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। श्री आनंद ने कहा कि सरकार के जीरो टॉलरेंस वाले दावे पर सवालिया निशान नहीं लगा रहे हैं बल्कि देवभूमि का हर नागरिक जिसे बीजेपी सरकार ने छला है वो सवाल उठा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से ना तो अपने विभाग ही संभल रहे हैं और ना ही प्रदेश. पीडब्लूडी तो, भ्रष्टाचार का गढ़ बना दिया गया है और सीएम आंख मूंदे बैठे हैं. एक और विभाग जो मुख्यमंत्री के पास है, स्वास्थ्य विभाग. सूबे में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का क्या आलम है? ये किसी से नहीं छिपा है. एक बस उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हैं जिन्हें प्रदेश के बुरे हालात दिखाई नहीं देते ।
। उन्हें उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बने रहने का कोई हक नहीं रह गया है. ऐसे में आम आदमी पार्टी की उनसे मांग है कि वो नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे । इस मौके पर कैंट विधानसभा के सह प्रभारी विपिन खन्ना बूथ अध्यक्ष मुकेश सिंह, नवीन सिंह चौहान, राघव दुआ, सुरेश ,विशाल, प्रमोद सैनी, सीमा कश्यप, इंदरप्रीत सतिंदर सल, प्रवीण गुप्ता, आदि मौजूद रहे ।


