रिपोर्टः वीरेन्द्र नेगी
उत्तरकाशी : कोरोना वायरस कोविड 19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सरकार द्वारा लॉक डाॅउन की अवधि बढाए जाने का पूर्ण समर्थन, लेकिन कोरोना रहित जनपदों में रोजमर्रा की जरूरी चीजों, कृषि, रोजगार को देखते हुए अंतर्जनपदीय आवागमन में हो शिथिलता.
पूर्व विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष विजयपाल सजवाण ने राज्य कैबिनेट द्वारा राज्य में लाकॅडाउन की अवधि बढ़ाए जाने के फैसले का समर्थन किया है। साथ ही सरकार से पहाड़ी जनपदों की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए कोरोना रहित पहाड़ी जिलों में अंतर्जनपदीय आवागमन मे छूट दिए जाने की मांग की है।
यहां जारी बयान में विजयपाल सजवाण ने कहा है कि राज्य की स्थिति अभी सामान्य नहीं हुई है। ऐसी स्थिति में सरकार का यह फैसला सर्वथा उचित है। किन्तु सरकार को इस वक्त कोरोना महामारी के बचाव एवं रोकथाम के साथ लॉकडाउन की वजह से क्षीण हो चुकी प्रदेश की जनता की आर्थिकी एवं जनउपयोगी सेवाओं के लिए भी प्रभावी एवं ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
◆उन्होंने बिना राशन कार्ड धारकों एवं राशनकार्ड धारकों मे खाद्य आपूर्ति की असमानता पर सवाल करते हुए कहा कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक लोग ऐसे भी है जो दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का गुजारा करते है, राशन कार्ड मे निश्चित मानक के अनुरूप खाद्यान वितरित हो रहा है, किन्तु इनका कहना है कि उन्हें इसके अलावा अतिरिक्त राशन की आवश्यकता है जिस पर अमल किया जाना बहुत जरूरी है। उन्होंने जनपदवासियों को राशन बांट रहे खाद्य कर्मियों का बीमा कवर किये जाने की भी मांग की।
◆इसके अलावा उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि जो ऐसे क्षेत्र हैं जहां पर मजदूर, असहाय लोग एवं मलिन बस्तियां हैं वहां पर सामान्य रूप से राशन, सेनेटाइजर, मास्क आदि की समुचित व्यवस्था किया जाना भी आवश्यक है।
◆चारधाम तीर्थयात्रा पर इस महामारी से पड़ने वाले विपरीत प्रभाव पर उन्होंने राज्य सरकार से रिवर राफ्टिंग, होटल व्यवसाय, गेस्ट हाउस तथा यात्रा वाहन से जुड़े व्यवसायियों के बैंको के ऋण अदायगी में एक वर्ष की छूट प्रदान करने के साथ ही बैंकों से लिए गए ऋण पर ब्याज माफ किये जाने का अनुरोध किया है।
◆उन्होंने लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाओं में जुटे सरकारी कर्मियों डॉक्टर/ स्वास्थ्यकर्मी, पुलिस कर्मी, सफाई कर्मचारियों के साथ बिजली व पानी विभागों के कर्मचारियों की लॉकडाउन के दौरान तनख्वाह दुगुनी करने की मांग की।
◆इस वक्त देश, प्रदेश सहित हमारा जनपद उत्तरकाशी कोविड 19 महामारी की वजह से घरों में लॉकडाउन है इसका सबसे ज्यादा असर विद्यालयी शिक्षा पर पड़ रहा है, स्कूल, कॉलेज इस अवधि में पूर्ण रूप से बंद है, उन्होंने सरकार से मांग की कि सरकारी स्कूलों की तर्ज पर गैर सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों को इस अवधि के दौरान का वेतन सरकार की तरफ से वहन किया जाय और प्रत्येक सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयो मे अध्ययनरत विद्यार्थियों की 2 माह की फीस पूर्णतः माफ की जाए।
◆देशव्यापी लॉकडाउन के चलते आमजनमानस को कुछ राहत देते हुए बिजली एवं पानी का कमसे कम 02 माह का बिल माफ किया जाए।
◆उन्होने कहा कि बाहरी प्रदेशों में उत्तरकाशी जिले के अनेक युवक जो लॉकडाउन के कारण फंसे हुए हैं, मुझे सैकड़ों लोगों के फोन आ रहे है, कुछ युवक तो विपरीत परिस्थितियों में रह रहे हैं। इस बाबत उन्होंने प्रशासन को भी अवगत कराया कि देशभर के राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर यहां के युवकों की वास्तुस्थिति का आवश्यक संज्ञान लें। उन्होंने कहा कि या तो बाहरी राज्यों में फंसे युवकों को 14 अप्रैल के बाद घर वापसी कराते हुये राज्य एवं जनपद की सीमाओं में प्रवेश से पहले इनकी गहन चिकित्सकीय जांच कर 14 दिन के क्वारंटाइन मैं रखा जाय। या फिर लॉकडाउन की अवधि बढ़ने पर इनके खाने, रहने और स्वास्थ्य सुरक्षा की जिम्मेदारी सनिश्चित की जाए।
◆उन्होंने कहा है कि पहाड़ी जनपदों मे अधिकांश क्षेत्र ग्रामीण है, जिसमे उनकी आजीविका का मुख्य साधन कृषि और पशु व्यवसाय है। लेकिन लॉक डाउन के चलते लोग कृषि कार्य के लिए इधर से उधर नहीं जा पा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि आगामी 14 अप्रैल को देशव्यापी लॉकडाउन के 21 दिन पूरे हो रहे हैं। काश्तकारों के लिए ये सीजन अति महत्वपूर्ण है। इस दौरान जहां बागवानी काश्तकारों के लिए सबसे पीक सीजन माना जाता है वही आलू की बुवाई मंडवा की बुवाई धान की बुवाई का सीजन चल रहा है। आने वाले कुछ समय बाद गेंहू और अन्य फसलें पकनी भी शुरू हो जाएंगे
सजवाण ने सुझाव में कहा है कि प्रशासन जनपद की सीमाओं को सील जारी रखें ताकि जनपद की सुरक्षा बनी रहे, किन्तु लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों और कृषि व अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अंतर्जनपदीय आवागमन शुरू कर दें।
इसके अलावा उन्होंने समस्त जनपदवासियों से अनुरोध किया है कि लॉकडाउन के दौरान या उसके बाद भी कुछ समय तक एहतियात के तौर पर अनावश्यक एक जगह से दूसरी जगह जाने मे फिलहाल परहेज करें। जब तक WHO द्वारा हमारे देश मे इसके नियंत्रण में होने का पुख्ता दावा नही किया जाता तब तक किसी भी अफवाह से अपने आपको दूर रखे।


