रिपोर्ट - ज्योति डोभाल
आज ईदुल अजहा के मुबारक मौके पर बौराड़ी स्थित ईदगाह पर शहर एवं दूर दराज से आये सैकड़ो लोगो ने ठीक 9:00 बजे नमाज़ अदा की।
नमाज़ से पहले जामा मस्जिद के शाही इमाम मुफ़्ती मोहम्मद जुबेर गढ़वाली ने ईदगाह में मौजूद तमाम लोगो को खिताब करते हुऐ मजहबे इसलाम का सबक याद दिलाते हुऐ बताया कि ईदुल अजह का दिन तमाम लोगो के लिऐ खुशी का दिन है,अपने बयान में उन्होंने बताया कि ईद दिन का यह दिन सुन्नतै इब्राहिम की पैरवी का दिन है इसे कुर्बानी का दिन भी कहा जाता है। कुर्बानी का मतलब यह नहीं की हम केवल अल्लाह की रजा के लिए जानवर की कुर्बानी करे बल्कि अपने नफ्स के अन्दर मौजूद बुराइयों को भी खत्म करेःमुफ़्ती साहब ने बताया कि मजहबे इसलाम ने बताया कि आप जो अपने लिए पसन्द करे वही चीज अपने दूसरे भाई के लिए भी पसंद करें।
मुफ़्ती साहब ने कहा कि मजहबे इस्लाम इतना बेहतरीन मजहब है कि अगर आपका पड़ोसी कोई भी हो,किसी भी मजहब का हो आप अगर अपने घर मे अच्छा खाना बना रहे है तो आपके उस खाने में आपके पड़ोसी का भी हक़ है,आपका पड़ोसी आपसे किसी भी वजह से नाराज़ है तो आपका रोजा नमाज़ अल्लाह के यहां उस वक्त तक काबिले कुबूल नही जब तक आपकी अपने पड़ोसी से सुलह ना हो जाये।नामज़ अदा करने के बाद दुआ करते हुए मुफ़्ती साहब ने मुल्क की तरक्की एवं खुशहाली के लिए दुआ की। तथा कंगसाली वाहन दुर्घटना में मृतक बच्चों के लिए भी दुआ की गयी ၊
ईद के इस मौके पर मुशर्रफ़ अली, जामा मस्जिद के अध्यक्ष हाजी रोशन बैग,उपाध्यक्ष मुनव्वर हसन,सकील अहमद,,अब्दुल वक़्क़ार,सरताज अली,हाजी याक़ूब सिद्दीकी, परवेज अहमद अतीक,मुस्ताक बैग,सफीक अहमद,सकील अहमद नफीस खान सहित सेकड़ो लोग मौजूद थे।



